नए साल पर आम जनता को आरबीआई ने दिया महंगे एटीएम चार्ज का तोहफा, जानिए कितनी तरह के चार्ज वसूलते हैं आपसे बैंक

सभी के लिए एटीएम इस्तेमाल करना हुआ महंगा। जानिए कौन-कौन से चार्ज हैं, जो हमसे वसूलते हैं बैंक?

January 1, 2022 - 17:34
January 1, 2022 - 19:50
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नए साल पर आम जनता को आरबीआई ने दिया महंगे एटीएम चार्ज का तोहफा, जानिए कितनी तरह के चार्ज वसूलते हैं आपसे बैंक
एटीएम- फोटो : Pixabey

अगर आप एटीएम के द्वारा पैसे निकालकर नए साल का जश्न मना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। पैसों को चोरों से बचाने के लिए आम इंसान अपने पैसे को बैंको में रखते हैं, तो वहीं बैंक सुविधा के नाम पर हमारे पैसे चार्ज के रूप में काटते रहते हैं। एटीएम (Auromatic Teller Machine) से कैश ट्रांजैक्शन को लेकर कुछ बदलाव किए हैं जो आज यानी 1 जनवरी 2022 से लागू हो रहे हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सभी बैंकों को जून 2021 में कुछ निर्देश जारी किए थे, जिसमें बैंकों के ग्राहकों को एक जनवरी 2022 से फ्री ट्रांजैक्शन की निर्धारित सीमा से अधिक बार एटीएम से कैश ट्रांजैक्शन करने पर 21 रुपए या उससे अधिक की दर से चार्ज लिए जाने की घोषणा की गई थी। बता दें कि इससे पहले बैंकों के ग्राहकों से निर्धारित सीमा से अधिक बार नकद कैश ट्रांजैक्शन करने पर 20 रुपए का चार्ज लिया जाता था। आरबीआई ने बताया कि एटीएम मशीन के रख-रखाव में होने वाले खर्चों में बढ़ोत्तरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा है। एटीएम चार्ज के अलावा, इंटरचेंज चार्ज तथा बैंक से जुड़े  अन्य टैक्स अलग से लिए जाएंगे।

हर महीने पांच ट्रांजैक्शन होते हैं फ्री

खाताधारक अपने बैंक के एटीएम से एक महीने में केवल पांच बार ही फ्री में पैसों का लेन देन या अकाउंट चेक कर सकते है। वहीं दूसरे बैंक के एटीएम से एक महीने में केवल तीन बार ही फ्री ट्रांजैक्शन किए जा सकते हैं। क्योंकि तीन या पांच बार से ज्यादा ट्रांजैक्शन या अकाउंट चेक करने पर फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा समाप्त हो जाती है और खाताधारक के अकाउंट से 21 से 25 रूपए तक चार्ज के रूप में काट लिए जाते हैं।

प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने भी बढ़ाएं चार्ज

भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी मिलते ही सभी प्राइवेट बैंकों ने एटीएम पर लगने वाले चार्ज को बढ़ाकर 21 रूपए कर दिया है। जिसकी जानकारी SMS द्वारा देते हुए एक्सिस बैंक ने साफ तौर पर कहां है कि एक्सिस बैंक या दूसरे बैंक के एटीएम से फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट के बाद यदि आप ट्रांजैक्शन करते हैं तो आपको 21 रूपए के साथ जीएसटी भी देना पड़ेगा।

बैंक में खाता खुलवाते समय बैंक की तरफ से हमें कई तरह की सर्विस दी जाती है। जिस पर लगने वाले चार्जेज खाताधारक को पूरी तरह पता नहीं होते, लेकिन बैंक अपनी इन सर्विस का चार्ज भी हमारे बैलेंस से काट लेता है। इस बात को जानना अति आवश्यक है कि आम ग्राहक पर बैंक कौन-कौन से चार्ज लगाता है?

  • बैलेंस चेक करने पर चार्ज

अगर आप एटीएम कार्ड उपयोग करते हैं तो यह जानकारी रखना आवश्यक है, कि एक महीने की फ्री लिमिट खत्म होने के बाद अगर आप बैलेंस चैक करते हैं, या मिनी स्टेटमेंट निकालते हैं या फिर पासवर्ड पिन बदलते हैं तो उसके लिए आपको हर बार 21 रूपए के साथ जीएसटी शुल्क भी देना पड़ सकता है।

  • न्यूनतम बैलेंस होने पर चार्ज

यदि बैंक में आपका बैलेंस निश्चित राशि से कम है तो अभी आपके अकाउंट से चार्ज के रूप में 100 रूपए के साथ जीएसटी चार्ज कटा जाता है। सभी बैंकों की निश्चित राशि अलग-अलग होती है। किसी बैंक में आमतौर पर 3500 तो किसी बैंक में 2000 या 1000 न्यूनतम बैलेंस लिमिट होती है, जिससे नीचे बैलेंस होने पर चार्ज काटा जाता है। जिसका एकमात्र बचाव अपने एकाउंट में न्यूनतम बैलेंस लिमिट से ज्यादा पैसे रखना ही हो सकता है।

  • गलत ट्रांजेक्शन पर चार्ज

गलत ट्रांजैक्शन अर्थात आप एटीएम में जाएं और आपके अकाउंट में 8000 राशि है और आप भूल से 8500 निकालने के लिए रिक्वेस्ट डाल देते हैं, तो यह ट्रांजैक्शन रिजेक्ट हो जाएगा और बैंक को आपसे 20 से 25 रूपए तक वसूल करने का मौका मिल जाएगा। ऐसे में सावधानी से बैलेंस चेक करके ही पैसे निकालें।

  • एटीएम कार्ड के लिए चार्ज

बैंक द्वारा मिले एटीएम कार्ड पर भी बैंक आप से कार्ड के मेंटेनेंस के नाम पर हर साल लगभग 150 रूपए तक चार्ज काट लेता है। यही नहीं, अगर आप निर्धारित संख्या से ज्यादा एटीएम द्वारा ट्रांजैक्शन करते हैं तो भी इसके लिए बैंक आपसे चार्ज लेता है।

  • कैश ट्रांजेक्शन पर लगने वाले चार्ज

बैंक की तरफ से एक महीने में आप 4 से 5 बार ही कैश ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। यदि आप सीमित कैश ट्रांजैक्शन से ज्यादा बैंकों द्वारा कैश का लेन देन करते हैं, तो इस पर लगने वाला चार्ज सभी बैंकों का अलग-अलग होता है। वहीं सरकारी बैंकों में 20 से 100 रूपए तक आमतौर पर चार्ज के रूप में लिया जाता है।

भारत का सबसे पहला एटीएम

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस समय देश में लगभग 40 सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के बैंक मौजूद हैं। लेकिन देश में पहला एटीएम लाने का श्रेय भारत के किसी भी बैंक को नहीं जाता है। एटीएम को भारत में लाने वाला बैंक एक विदेशी बैंक होता है, जिसका नाम The Hongkong and Shanghai Banking Corporation (HSBC) बैंक है जिसने सन् 1987 में देश को पहली एटीएम मशीन दी थी।

दुनिया का पहला एटीएम

भारत के पहले एटीएम के बारे में जानने के बाद आपके मन में दुनिया का पहला एटीएम जानने की इच्छा हो रही होगी, तो आपको बता दें कि एटीएम का आविष्कार स्कॉटलैंड निवासी जॉन शेफर्ड बैनर ने किया था, और दुनिया का पहला एटीएम 27 जून, 1967 को Barclays Bank ने नॉर्थ इंग्लैंड के एनफील्ड में लगाया गया था।

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