UPSC Result 2021: हिंदी मीडियम में कई वर्षों बाद आई रैंक 18, जानिए UPSC में सफल हुए Ravi Kumar Sihag के संघर्ष की कहानी

UPSC Hindi medium Result: रवि पहले भी दो बार इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफल हो चूके हैं। सिहाग ने इस साल 18वीं रैंक अपने नाम की है जिससे हिंदी पट्टी के लोग आश्चर्यचकित हैं और उनके कठिन परिश्रम की दाद दे रहे हैं।

June 1, 2022 - 21:09
June 2, 2022 - 00:09
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UPSC Result 2021: हिंदी मीडियम में कई वर्षों बाद आई रैंक 18, जानिए UPSC में सफल हुए Ravi Kumar Sihag के संघर्ष की कहानी
Ravi kumar Sihag

संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) ने सोमवार को सिविल सेवा परीक्षा(CSE) 2021 का परिणाम घोषित कर दिया जिसमें राजस्थान के रवि कुमार सिहाग (Ravi Kumar Sihag) ने फिर से अपना परचम लहरा दिया है। रवि पहले भी दो बार इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफल हो चूके हैं। सिहाग ने इस साल 18वीं रैंक अपने नाम की है जिससे हिंदी पट्टी के लोग आश्चर्यचकित हैं और उनके कठिन परिश्रम की दाद दे रहे हैं।

किसान परिवार से है रवि का संबंध

किसान परिवार में जन्मे रवि तीन बहनों के बाद इकलौते बेटे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद रवि कुमार सिहाग ने कठिन परिश्रम और आत्मबल से सबसे कठिन माने जाने वाली इस एग्जामिनेशन को क्रैक किया है। रवि कुमार सिहाग के पिता राजस्थान (Rajasthan) के श्रीगंगानगर जिले के गांव थ्रीबीएम के किसान हैं।

गांव में ही देखा कलेक्टर बनने का सपना

रवि अपने पिता की खेती में मदद भी करते हैं और उन्होंने आईएएस बनने का सपना अपने गांव में ही देखा था। किसान पिता खेती में आ रही परेशानियों को लेकर कलेक्टर के पास जाया करते थे और घर आकर उनकी तारीफ करते थे जिससे रवि के मन पर अच्छा प्रभाव पड़ा और उन्होंने भी आईएएस अधिकारी बनकर समाज की सेवा करने की ठान ली।

 पढ़ाई और यूपीएससी की तैयारी

रवि ने गांव से हीं अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पूरी की और साल 2015 में अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर साल 2016 से UPSC की तैयारी में लग गए। उन्होंने अपना पहला अटेम्प्ट साल 2018 में दिया जिसमें उनकी मेहनत रंग लाई और वे 337वीं रैंक हासिल कर सके। तब उन्हें आईआरटीएस कैडर मिला था। फिर अगले वर्ष 2019 में उन्हें 317वीं रैंक हासिल हुई पर वे आईएएस नहीं बन पाए इसलिए उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।

रवि सोशल मीडिया पर हैं पॉपुलर

रवी कुमार सिहाग सोशल मीडिया पर अपने पहले अटेम्प्ट के बाद से ही पॉपुलर हैं। हिंदी मीडियम में उन्होंने पहली बार में ही यूपीएससी निकाला जिससे छात्र उन्हें अपना रोल मॉडल मानने लगे हैं। वहीं इस बार तो उन्होंने हिंदी मीडियम का मान ही बढ़ा दिया। उन्होंने सिद्ध कर दिया है कि हिंदी मीडियम से भी टॉप रैंक लाई जा सकती है।

यूपीएससी 2021 का रिजल्ट

बता दें कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 में कुल 685 उम्मीदवार सफल हुए हैं जिसमें 244 जनरल, 73 ईडब्ल्यूएस, 203 ओबीसी, 105 एससी और 60 एसटी वर्ग के हैं।

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